
क्या भारत में भ्रष्टाचार हुए कम? CPI 2025 में भारत को मिला 91वाँ स्थान
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (CPI) 2025 के अनुसार भारत 182 देशों में 91वें स्थान पर है, जो 2024 की 96वीं रैंक से बेहतर है। यानी पिछले साल की तुलना में स्थिति सुधरी है, लेकिन 2021 में भारत 85वें स्थान पर था, जिससे पता चलता है कि चार साल के बड़े परिप्रेक्ष्य में भ्रष्टाचार की धारणा बढ़ी है। CPI में 0 से 100 तक स्कोर दिया जाता है—भारत को 39 अंक मिले, जो वैश्विक औसत 42 से कम है। दुनिया में डेनमार्क (89) सबसे कम भ्रष्ट देश रहा, जबकि सोमालिया और दक्षिण सूडान (9) सबसे नीचे हैं। रिपोर्ट बताती है कि दो-तिहाई से अधिक देशों का स्कोर 50 से कम है, यानी वैश्विक स्तर पर भ्रष्टाचार बड़ी समस्या बना हुआ है। भारत में डिजिटल सुधार और बेहतर गवर्नेंस से रैंकिंग में सुधार दिखा है, लेकिन नौकरशाही, राजनीतिक संरक्षण और पारदर्शिता की कमी अब भी चुनौती हैं। साथ ही, 2012 से अब तक 829 पत्रकारों की हत्या का आंकड़ा यह भी दिखाता है कि भ्रष्टाचार उजागर करना कई देशों में जोखिम भरा काम है। कुल मिलाकर, भारत की स्थिति न तो बहुत खराब है न संतोषजनक—सुधार के संकेत हैं, पर सफर लंबा है।









