
भारत में स्कूल ड्रॉपआउट की गंभीर तस्वीर: सबसे ज्यादा असर गरीब और लड़कियों पर
देश में शिक्षा पर बड़े बजट के बावजूद स्कूल ड्रॉपआउट एक गंभीर समस्या बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2024-25 में 11.70 लाख बच्चे स्कूल नहीं जा रहे, जबकि 2020-25 के बीच 65.70 लाख से ज्यादा बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी, जिनमें करीब 45 फीसदी लड़कियां हैं। सबसे ज्यादा स्कूल न जाने वाले बच्चे उत्तर प्रदेश में हैं, वहीं लड़कियों के ड्रॉपआउट के मामले में महाराष्ट्र की स्थिति सबसे खराब बताई गई है। आर्थिक मजबूरी, घरेलू काम, पढ़ाई में कठिनाई, स्वास्थ्य समस्याएं और सामाजिक दबाव इसके प्रमुख कारण हैं। यह स्थिति तब है जब केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया है, जिससे साफ है कि समस्या सिर्फ फंड की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर शिक्षा की पहुंच, गुणवत्ता और सामाजिक सहयोग की भी है।









